ऐ वीर धरा के जाग जरा
चीतकार कहा से आती है॥
इस देश की आन पे मिटने को,
भारत मां तुझे बुलातीहै।।
भारत की धरती स्वर्ग भूमि है, अमृत इसका पानी है।
बच्चा-बच्चा है भगत सिंह, बहनें झासी की रानी हैं।
फिर आज विदेशी लूट रहे, यह देख धधकती छाती है॥
ऐ वीर धरा के जाग जरा।
एक पुस्तक संग्रह से साभार प्रस्तुत।
Posted by : RAMAN

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