Saturday, 28 March 2009

ऐ वीर धरा के जाग जरा


ऐ वीर धरा के जाग जरा


ऐ वीर धरा के जाग जरा ।

चीतकार कहा से आती है॥

इस देश की आन पे मिटने को,

भारत मां तुझे बुलातीहै।।

भारत की धरती स्वर्ग भूमि है, अमृत इसका पानी है।

बच्चा-बच्चा है भगत सिंह, बहनें झासी की रानी हैं।

फिर आज विदेशी लूट रहे, यह देख धधकती छाती है॥

ऐ वीर धरा के जाग जरा।

एक पुस्‍तक संग्रह से साभार प्रस्‍तुत।

Posted by : RAMAN

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